बहाईयत साम्राज्यवाद की सेवक संस्था

बहाईयत साम्राज्यवाद की सेवक संस्था 0%

बहाईयत साम्राज्यवाद की सेवक संस्था कैटिगिरी: धर्म और सम्प्रदाय

बहाईयत साम्राज्यवाद की सेवक संस्था

यह किताब अलहसनैन इस्लामी नेटवर्क की तरफ से संशोधित की गई है।.

कैटिगिरी: विज़िट्स: 496
डाउनलोड: 121

कमेन्टस:

खोज पुस्तको में
  • प्रारंभ
  • पिछला
  • 6 /
  • अगला
  • अंत
  •  
  • डाउनलोड HTML
  • डाउनलोड Word
  • डाउनलोड PDF
  • विज़िट्स: 496 / डाउनलोड: 121
आकार आकार आकार
बहाईयत साम्राज्यवाद की सेवक संस्था

बहाईयत साम्राज्यवाद की सेवक संस्था

हिंदी

यह किताब अलहसनैन इस्लामी नेटवर्क की तरफ से संशोधित की गई है।.

बहाईयत साम्राज्यवाद की सेवक संस्था

लेखकः दारूल वहदत

नोटः ये किताब अलहसनैन इस्लामी नेटवर्क के ज़रीऐ अपने पाठको के लिऐ टाइप कराई गई है और इस किताब मे टाइप वग़ैरा की ग़लतीयो को सही किया गया है।

Alhassanain.org/hindi

यह लेख उर्दु पत्रिका तोहिद भाग- 1 मे छप चुका है।

दूसरी बार इस लेख की साज़माने –तबली ग़ात इस्लामी ने पुस्तक के रुप मे प्रकाशित किया।

तथा पुन: इस लेख का अनुवाद हिन्दी मे प्रकाशित किया जा रहा है।

पुस्तक का नाम बहाईयत साम्राज्यवाद की सेवक संस्था

लेखक दारुल वहदत नई दिल्ली

मुद्रक : क्लासिक प्रिंटर्स- गाज़ियाबाद

दो शब्द

जनाब मुजतबा सुल्तानी साहब आज के इस विकसित युग के बहुत ही कुशल लेखक हैं। आपने विभिन्न शीर्षकों के तहत विभिन्न पुस्तको की रचना की है। आपका सबसे बड़ा उद्देश्य यह है कि दुनिया के लोग महान शैतान अमरीका और उसके समर्थकों को पहचान लें जो कि इस्लाम के नाम ,इस्लाम के नियम तथा इस्लाम के कानून को मिट्टी मे मिला देने पर तुले हुए हैं।

आपकी यह किताब पहले एक लेख के रुप मे थीं जो कि उर्दु पत्रिका "तौहिद" मे छपा था - जब यह लेख जनता की नज़रो से गुज़रा तो आम लोगों ने इसको बहुत सराहा।

इसलिए आवश्यकता पड़ी कि इसे किताब के रुप में लाया जाए और साथ ही दुसरी भाषाओं मे भी अनुवाद किया जाए। ताकि वह लोग भी इस किताब से पुर्ण लाभ उठा सकें जो कि उर्दु या फ़ारसी नही जानते हैं और पहचान ले कि बहाईयत का सहारा लेकर विश्व साम्राज्यवाद ने किस प्रकार इस्लाम को बर्बाद करने की ठान ली थी लेकिन धार्मिक नेताओॆ (उल्माऐ-दीन) ने किस प्रकार उनसे टक्कर ली तथा इस्लाम को जीवित किया हैं।

आशा है कि पाठय महोदय इस किताब से पूरा-पूरा लाभ उठाकर साम्राज्यवादी साज़िशों से होशियार रहेंगे।

संस्था

साज़माने तबलीग़ाते-इस्लामी

तेहरान-ईरान