अलहसनैन इस्लामी नेटवर्क

लेख

इमामे महदी (अ)
महदवियत के लिए नुक्सानदेह चीज़ों की पहचान 3

महदवियत के लिए नुक्सानदेह चीज़ों की पहचान 3

लोगों में ग़ुरबत के एहसास के न होने की वजह यह होगी कि उनके यहाँ क़नाअत का एहसास पाया जाता होगा।

फ़ातेमा ज़हरा(अ)
हज़रते ज़हरा स0 का अक़्द और उसके इम्तेयाज़ात

हज़रते ज़हरा स0 का अक़्द और उसके इम्तेयाज़ात

बग़ैर औरत की मरज़ी के शादी करना ज़ुल्म है।

फ़ातेमा ज़हरा(अ)
हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) के फ़ज़ायल

हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) के फ़ज़ायल

हज़रत फ़ातेमा ज़हरा(स) उन हज़रात में से हैं जिनकी मवद्दत और मुहब्बत तमाम मुसलमानों पर वाजिब की गई है

फ़ातेमा ज़हरा(अ)
हज़रत फ़ातिमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा का जीवन परिचय

हज़रत फ़ातिमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा का जीवन परिचय

आप का नाम फ़ातिमा व आपकी उपाधियां ज़हरा ,सिद्दीक़ा, ताहिरा, ज़ाकिरा, राज़िया, मरज़िया,मुहद्देसा व बतूल हैं।

दुआ
असर की नमाज़ की दुआऐ

असर की नमाज़ की दुआऐ

 खुदाया! हमारे पास जो तेरी नेमत है वो तेरी तरफ से है,

फ़ातेमा ज़हरा(अ)
विलायत के आसमान पर हिदायत का तारा

विलायत के आसमान पर हिदायत का तारा

फ़ातिमा ज़हरा मोहद्देसा थीं। यानी फ़रिश्ते उनके पास आते थे, आपके साथ बातें करते थे। किसी भी शिया या सुन्नी नें इस बात को ग़लत नहीं बताया है क्योंकि दोनों के उल्मा इस बात को मानते हैं

ग़ैरे मासूमीन
जनाबे उम्मुल बनीन स.अ

जनाबे उम्मुल बनीन स.अ

मेरे सारे बेटे और जो कुछ भी इस दुनिया मे है सब मेरे हुसैन अ.स पर क़ुरबान।

फ़ातेमा ज़हरा(अ)
हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) की इबादतों पर हक़्क़ानीयत को नाज़ है

हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) की इबादतों पर हक़्क़ानीयत को नाज़ है

जैसे जैसे हज़रत फ़ातेमा (स) बड़ी होती गई उन के औसाफ़ व कमालात नुमायां होते चले गये    

नमाज़
नमाज़े ग़ुफ़ैला

नमाज़े ग़ुफ़ैला

आपका कमेंन्टस

यूज़र कमेंन्टस

कमेन्ट्स नही है
*
*

अलहसनैन इस्लामी नेटवर्क