अलहसनैन इस्लामी नेटवर्क

लेख

रसूले अकरम(स)
पैग़म्बर (स) की सीरत के जलते चराग़

पैग़म्बर (स) की सीरत के जलते चराग़

मैं उसको पसन्द नहीं करता कि जिस इंसान को मौत आ जाऐ और वह रसूल (स.) की सीरत पर अमल न

इमामे सादिक़(अ)
इमाम सादिक़  का अख़लाक़

इमाम सादिक़ का अख़लाक़

आप उसी मासूम सिलसिले की एक कड़ी हैं जिसे अल्लाह तआला ने इंसानों के लिये आईडियल और नमूना ए अमल बना कर पैदा किया है।

इमामे सादिक़(अ)
इमाम सादिक़(अ)विद्वानो की द्रष्टि मे

इमाम सादिक़(अ)विद्वानो की द्रष्टि मे

अबु जाहिज़ कहते हैं कि हज़रत इमाम सादिक़ वह महान् व्यक्ति हैं जिनके ज्ञान ने समस्त संसार को प्रकाशित किया

इमामे सादिक़(अ)
मुनाज़ेरा ए इमाम सादिक़(अ.स)

मुनाज़ेरा ए इमाम सादिक़(अ.स)

नुबूवत
रसूले अकरम और वेद

रसूले अकरम और वेद

वेदों में नराशंस या मुहम्मद (सल्ल॰) के आने की भविष्यवाणी कोई आश्चर्यजनक बात नहीं है, बल्कि धर्मिक ग्रंथों में ईशदूतों (पैग़म्बरों) के आगमन की पूर्व सूचना मिलती रही है। यह ज़रूर चमत्कारिक बात है कि हज़रत मुहम्मद (सल्ल॰) के आने की भविष्यवाणी जितनी अधिक धार्मिक ग्रंथों में की गई है,

रसूले अकरम(स)
मैराजे पैग़म्बर

मैराजे पैग़म्बर

शिया और सुन्नी दोनो की अहादीसे मुतावातिरा मे आया है की रसूले अकरम स.अ.व.व. की मैराज जिस्मानी थी न कि रुहानी।

इमामे सादिक़(अ)
हज़रत इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.) और ज्ञान प्रसार

हज़रत इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.) और ज्ञान प्रसार

अब जो इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम ने अपनी ज़बान को हरकत दी तो ज्ञान का वह सैलाब आया जिसके सामने जिहालत की गन्दगी क़दम न जमा सकी

इमामे सादिक़(अ)
इमामे सादिक़(अ)की नसीहतें

इमामे सादिक़(अ)की नसीहतें

इमामे हसन असकरी(अ)
हज़रत इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की शहादत

हज़रत इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की शहादत

8 रबीउल अव्वल को हज़रत इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम का शहादत दिवस है। उन्होंने अपनी 28 साल की ज़िन्दगी में दुश्मनों की ओर से बहुत से दुख उठाए और तत्कालीन अब्बासी शासक ‘मोतमद’ के किराए के टट्टुओं के हाथों इराक़ के सामर्रा इलाक़े में ज़हर से आठ दिन तक पीड़ा सहने के बाद इस दुनिया से चल बसे।

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यूज़र कमेंन्टस

mukhtar Abbas:mashallah
2017-09-01 21:46:03
mashallah subhanallah jazakallao bht achche
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