अलहसनैन इस्लामी नेटवर्क

धर्म और संप्रदाय

वहाबियत की सच्चाई

वहाबियत की सच्चाई

अगर कोई किसी को जुर्म किये बिना क़त्ल कर दे तो ऐसा ही है से इसने सभी को क़त्ल कर दिया हो और अगर कोई ज़िन्दा करदे तो ऐसा ही है जैसे उसने सभी को ज़िन्दा कर दिया।

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वहाबियत, सुन्नी उलेमा की निगाह में।

 वहाबियत, सुन्नी उलेमा की निगाह में। वहाबियत की रद की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि उनकी रद में पैग़म्बर की हदीस काफ़ी है जिस में आप ने फ़रमाया कि उनकी अलामत यह होगी कि वह अपने सर को मुंडवाएंगे, अब्दुल वहाब ने अपने सभी समर्थकों के लिए सर का मुंडवाना ज़रूरी कहा था।  

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वहाबियों और सुन्नियों में फ़र्क़।

 वहाबियों और सुन्नियों में फ़र्क़। जो तेरी पैरवी कर रहे हैं वह सब के सब कुफ़्र और हलाकत के दलदल मे धँस रहे हैं, तेरी पैरवी करने वाले अधिकतर गंवार, कम बुद्धी वाले, झूठे, जाहिल, मक्कार, ना समझ लोग हैं, और अगर मेरी बात पर भरोसा नहीं है तो उनको अदालत का ख़्याल करते हुए आज़मा लो, फिर लिखते हैं कि, मुझे पता है कि तू मेरी बात स्वीकार नहीं करेगा, मेरी नसीहत पर कान नहीं धरेगा, जब मैं तेरा दोस्त हूँ तू मेरे साथ यह कर रहा है तो जो तेरे दुश्मन हैं उनके साथ क्या करता होगा, अल्लाह की क़सम तेरे दुश्मनों में नेक, गंभीर, अक़्लमंद और पढ़े लिखे लोग मौजूद हैं और तेरे दोस्तों में झूठे, गुनहगार, जाहिल और गंवार लोग ही दिखाई देते हैं।  

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इस्लाम सब से अच्छा धर्म है

इस्लाम सब से अच्छा धर्म है  ऐ मुस्लमानों तुम उन से कहो कि हम अल्लाह पर और जो उसने हमारी ओर भेजा और जो इब्राहीम, इस्माईल, इस्हाक़, याक़ूब और याक़ूब की संतान की ओर भेजा गया ईमान ले आये हैं।

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दीन क्या है?

दीन क्या है? आइडियालॉजी का एक मतलब है इंसान व दुनिया के बारे में कुछ विशेष तरह के विश्वास व मत और मामूहिक रूप से पूरी सृष्टि के बारे में समन्वित विचारों को आइडियालॉजी कहा जाता है।

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बोहरे

बोहरे ज़कात (धार्मिक कर) बोहरों पर ज़कात आवश्यक है, उन पर छे तरह की ज़कात आवश्यक है जो निम्न हैं

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तहाविया सम्प्रदाय

तहाविया सम्प्रदाय  इमाम अबू हनीफ़ा की राय में इमाम शाफ़ेई के मज़हब के बारे में जो ग़लत धारणा थी वह उसे पसंद करते थे।

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अहले हदीस

अहले हदीस अहले हदीस का तरीक़ा अस्ल में एक फिक्ही था यह लोग सिर्फ क़ुरआन और हदीस के ज़ाहिर (प्रत्यक्ष) का सहारा लेते थे और मुतलक़ तौर से अक़्ल का इनकार करते थे

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धर्म और भाग्य

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