अलहसनैन इस्लामी नेटवर्क

लेख

आमाल
बक़रीद के महीने के मुख्तसर आमाल

बक़रीद के महीने के मुख्तसर आमाल

पहले नौ दिन रोज़े रखे तो ऐसा है कि जैसे पूरी जिन्दगी रोज़े रखे।

इमामे रिज़ा(अ)
शहादते इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम

शहादते इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम

इमाम ने मना कर दिया, लेकिन मामून ने अत्यधिक आग्रह करते हुए विषाक्त अंगूर इमाम को दिए।

इमामे रिज़ा(अ)
पैग़म्बरे इस्लाम के पौत्र हज़रत इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम

पैग़म्बरे इस्लाम के पौत्र हज़रत इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम

आज हज़रत इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के रौज़े के पावन प्रांगण का वातावरण ही कुछ और है। आपकी शहादत के दुखद अवसर पर आपके पवित्र रौज़े और उसके प्रांगण में विभिन्न संस्कृतियों व राष्ट्रों के हज़ारों श्रृद्धालु एकत्रित हैं

इमामे रिज़ा(अ)
हज़रत इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम की शहादत

हज़रत इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम की शहादत

इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम भी दूसरे इमामों की भांति अत्याचारी शासकों की कड़ी निगरानी में थे। अधिकांश लोग इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम का महत्व नहीं समझते थे।

इमामे रिज़ा(अ)
इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम का जन्मदिवस

इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम का जन्मदिवस

आज इमाम अली इब्ने मूसर्रज़ा अलैहिस्सलाम का शुभ जन्म दिवस है। वह इमाम जो प्रकाशमई सूर्य की भांति अपना प्रकाश बिखेरता है। पैग़म्बरे इस्लाम सल्लाहो अलैहे वआलेही वसल्लम का कथन है कि जो भी यह चाहता है कि प्रलय के दिन हंसते हुए तथा प्रसन्नचित मुद्रा में ईश्वर की सेवा में उपस्थित हो उसे चाहिए कि अली इब्ने मूसर्रज़ा से लौ लगाए।

इमामे रिज़ा(अ)
इमाम रज़ा अ.स. ने मामून की वली अहदी क्युं क़ुबूल की?

इमाम रज़ा अ.स. ने मामून की वली अहदी क्युं क़ुबूल की?

अकसर लोगों के दरमियान सवाल उठता है कि अगर अब्बासी खि़लाफ़त एक ग़ासिब हुकूमत थी तो आखि़र हमारे आठवें इमाम ने इस हुकूमत में मामून रशीद ख़लिफ़ा की वली अहदी या या उत्तरधिकारिता क्यूं कु़बूल की?  

मासूमीन की हदीसे
इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम की अहादीस

इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम की अहादीस

मोमिन के तीन लक्षण हज़रत इमाम रिज़ा अलैहिस्सलाम ने कहा कि कोई भी उस समय तक वास्तविक मोमिन नही बन सकता जब तक वह अल्लाह रसूल व इमामों की सुन्नत को न अपना ले।

मफ़ाहीमे क़ुरआन
अहले बैत (अ) क़ुरआन की नज़र में

अहले बैत (अ) क़ुरआन की नज़र में

उलमा-ए-हक़ ने इस सिलसिले में बड़ी बड़ी किताबें लिखी हैं और मुकम्मल तफ़सील के साथ आयात व उनकी तफ़्सीर का तज़करा किया है।

तौहीद
ख़ुदा की याद हर मुश्किल का हल

ख़ुदा की याद हर मुश्किल का हल

इंसान अपने वुजूद को ख़ुदा के सामने महसूस करे तो उसे लगेगा कि यह तमाम मसायब ख़ुदा वंदे आलम की तरफ़ से उस की तरक़्क़ी के लिये उस पर नाज़िल हुए हैं

आपका कमेंन्टस

यूज़र कमेंन्टस

Rizwan Shaikh:Khawab ki taabir hindi
2020-12-17 07:19:22
Khawab ki taabir Hindi kitaab ki pdf ho to lehaza baraae meherbaani hamare mail par bhej de...
Farhan Haider:Tauziul masail
2020-05-06 23:45:20
S.w bhai download m problem ho Raha h and muje kuch aur bhi books chahiye tha soft copy ki hindi translate mei plz help me. And
Nasir:ali
2020-02-02 13:36:53
Mashallah
Nasir:ali
2020-02-02 13:36:13
Ali ali
mukhtar Abbas:mashallah
2017-09-01 21:46:03
mashallah subhanallah jazakallao bht achche
*
*

अलहसनैन इस्लामी नेटवर्क