अलहसनैन इस्लामी नेटवर्क

लेख

महीने की मुनासेबतें
ईदे मुबाहेला और जनाबे फ़ातेमा ज़हरा

ईदे मुबाहेला और जनाबे फ़ातेमा ज़हरा

ऐ पैग़म्बर, ज्ञान के आ जाने के बाद जो लोग तुम से कट हुज्जती करें उनसे कह दीजिए कि (अच्छा मैदान में) आओ, हम अपने बेटे को बुलायें तुम अपने बेटे को और हम अपनी औरतों को बुलायें और तुम अपनी औरतों को और हम अपनी जानों को बुलाये और तुम अपने जानों को, उसके बाद हम सब मिलकर ख़ुदा की बारगाह में गिड़गिड़ायें और झूठों पर ख़ुदा की लानत करें।

विभिन्न
मूसा (अ.स.) फ़िरऔन और ज़ंजीर ज़नी

मूसा (अ.स.) फ़िरऔन और ज़ंजीर ज़नी

यह वही ख़ामेनाई है ना कि जिसने फ़तवा दिया कि ज़ंजीर ज़नी न करो ?

इमामे अली(अ)
 ग़दीर पर रसूले इस्लाम (स.अ.) का विशेष ध्यान

ग़दीर पर रसूले इस्लाम (स.अ.) का विशेष ध्यान

रसूले इस्लाम को मालूम था कि इस सफ़र के अंत में उन्हें एक महान काम को अंजाम देना है जिस पर दीन की इमारत तय्यार होगी और उस इमारत के ख़म्भे उँचे होंगे कि जिससे आपकी उम्मत सारी उम्मतों की सरदार बनेगी, पूरब और पश्चिम में उसकी हुकूमत होगी मगर इसकी शर्त यह है कि वह सब अपने सुधरने के बारे में सोच-विचार करें

इतिहासिक कथाऐ
हदीसे ग़दीर

हदीसे ग़दीर

यानी पैगम्बर (स.) ने अली (अ.) से फ़रमाया कि ऐ अली उठो कि मैनें तमको अपने बाद इमाम व हादी की शक्ल में मुंतखब कर लिया है।

इतिहासिक कथाऐ
ग़दीरे खुम में पैगम्बर का खुत्बा

ग़दीरे खुम में पैगम्बर का खुत्बा

हाँ ऐ लोगो वह वक़्त क़रीब है कि मैं दावते हक़ को लब्बैक कहूँ और तुम्हारे दरमियान से चला जाऊँ। तुम भी जवाब दे हो और मै भी जवाब दे हूँ”

उलेमा व मराजे
आयतुल्लाह ख़ामेनेई कितना वेतन पाते हैं

आयतुल्लाह ख़ामेनेई कितना वेतन पाते हैं

सुप्रीम लीडर होने के नाते उनके वेतन के बारे में पूछा तो उत्तर में उन्होंने जो कहा वह चकित कर देने वाले था आप कहते हैः क्या मैं कोई काम भी करता हूँ जिसके लिये वेतन लूँ?

महीने की मुनासेबतें
ईदे क़ुरबान

ईदे क़ुरबान

 वह इब्राहीम के पवित्र तथा विशुद्ध पंथ का अनुयाई हो, अल्लाह ने इब्राहीम को अपना घनिष्ठ मित्र चुना था।"

इमामे बाक़िर(अ)
शहादते इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम

शहादते इमाम मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम

इस्लामी इतिहास एसी हस्तियों के अस्तिव के सुसज्जित व भरा पड़ा है जो न केवल अपने काल बल्कि समस्त कालों और पीढियों के लिए सर्वोत्तम आदर्श हैं

इमामे बाक़िर(अ)
 इमाम बाक़िर अ.स. अहले सुन्नत की निगाह में

इमाम बाक़िर अ.स. अहले सुन्नत की निगाह में

हकम इब्ने ओतैबा जैसे विद्वान जिसका सम्मान पूरे शहर में था उसको भी इमाम के सामने ऐसे बैठा पाया जैसे एक छोटा बच्चा अपने उस्ताद के सामने बैठता है  

आमाल
बक़रीद के महीने के मुख्तसर आमाल

बक़रीद के महीने के मुख्तसर आमाल

पहले नौ दिन रोज़े रखे तो ऐसा है कि जैसे पूरी जिन्दगी रोज़े रखे।

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mukhtar Abbas:mashallah
2017-09-01 21:46:03
mashallah subhanallah jazakallao bht achche
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