अलहसनैन इस्लामी नेटवर्क

लेख

ग़ैरे मासूमीन
 अलमदारे करबला अब्बास इब्ने अली अ.।

अलमदारे करबला अब्बास इब्ने अली अ.।

दुश्मन को पता था कि जब तक अब्बास के हाथ सलामत हैं कोई उनका रास्ता नहीं रोक सकता। यही वजह थी कि हज़रत अब्बास के हाथों को निशाना बनाया गया

अख़लाकी लेख
 गुद मैथुन इस्लाम की निगाह मे

गुद मैथुन इस्लाम की निगाह मे

“ जब किसी क़ौम में गुद मैथुन की ज़्यादती हो जाती है तो खुदा उस क़ौम से अपना हाथ उठा लेता है और उसे इसकी परवाह (ख्याल) नही होती कि यह क़ौम किसी जंगल में हल़ाक कर दी ..

फ़ातेमा ज़हरा(अ)
 अल्लाह तआला ने हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स. को हमारे लिए आइडियल क्यूं बनाया है?

अल्लाह तआला ने हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स. को हमारे लिए आइडियल क्यूं बनाया है?

आपने हज़रत अली अ. से वसीयत की थी कि आपको रात में ग़ुस्ल दें, रात में कफ़न पहनाएं और रात ही में दफ़्न करें और जिन लोगों नें उन्हें दुख पहुँचाया था उनको जनाज़े में (अंतिम संस्कार) न आने दें  

अख़लाकी लेख
 हस्त मैथुन जवानी के लिऐ खतरा

हस्त मैथुन जवानी के लिऐ खतरा

वह मज़ा जिससे शर्मिन्दगी (लज्जा) मिले। वह सेक्स और इच्छा जिससे दर्द में बढोतरी हो , उसमे कोई अच्छोई नही है ..

इमामे अली(अ)
मौलूदे काबा

मौलूदे काबा

वसीये रसूल, ज़ोजे बतूल, इमामे अव्वल, पिदरे आइम्मा, मोलूदे काबा हज़रत अली अलैहिस्सलाम की तारीख़े विलादत बा सआदत, तेरह रजब के मौक़े पर हम शियायाने अहलेबैत......

इमामे अली(अ)
इमाम अली की ख़ामोशी

इमाम अली की ख़ामोशी

इन लोगों के मरने से कि जो मूर्ती पूजा, शिर्क, यहूदियत या ईसाईयत के सामने इस्लाम की ताक़त थे इनके मरने से इस्लाम की ताक़त कमज़ोरी में

इमामे अली(अ)
इमाम अली की निगाह मे कसबे हलाल की जद्दो जहद

इमाम अली की निगाह मे कसबे हलाल की जद्दो जहद

आपके नज़दीक कसबे हलाल बेहतरीन सिफ़त थी। जिस पर आप खुद भी अमल पैरा थे।

इमामे मोहम्मद तक़ी(अ)
इमाम मौ. तक़ी अलैहिस्सलाम का शुभ जन्मदिवस

इमाम मौ. तक़ी अलैहिस्सलाम का शुभ जन्मदिवस

किंतु उनकी दृष्टि में न्याय को स्थापित करने, अधिकारों को दिलवाने, अन्याय को समाप्त करने और .............................

इमामे मोहम्मद तक़ी(अ)
इमाम मोहम्मद तक़ी अलैहिस्सलाम

इमाम मोहम्मद तक़ी अलैहिस्सलाम

आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए दूसरे इंसानों से सहयोग की आवश्यकता होती है वह दूसरों की सहायता और संपर्क के बग़ैर अपनी क्षमताओं और योग्यताओं पर निखार

इमामे अली नक़ी(अ)
इमाम नक़ी अलैहिस्सलाम

इमाम नक़ी अलैहिस्सलाम

हज़रत इमाम नक़ी अलैहिस्सलाम का जन्म सन् 212 हिजरी क़मरी मे ज़िल- हिज्जाह मास की (15) वी तिथि को पवित्र शहर मदीने मे हुआ था।

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