अलहसनैन इस्लामी नेटवर्क

लेख

इमामे हसन असकरी(अ)
इमामे हसन असकरी(अ)

इमामे हसन असकरी(अ)

हज़रत इमाम अस्करी अलैहिस्सलाम का नाम हसन व आपकी मुख्य उपाधि अस्करी है।

इमामे हसन असकरी(अ)
इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की जीवनशैली

इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की जीवनशैली

 अत्याचारियों पर पीड़ितों की विजय और धरती पर सदाचारियों की सरकार के गठन की शुभसूचना क़ुरआन ने दी है

इमामे हसन असकरी(अ)
 इमाम असकरी अलैहिस्सलाम और उरूजे फिक्र

इमाम असकरी अलैहिस्सलाम और उरूजे फिक्र

शिया सुन्नी दोनो के उलामा ने लिखा है कि एक दिन इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम एक ऐसी जगह पर खड़े थे जिस जगह कुछ बच्चे खेल रहे थे इत्तिफाक़न उसी वक्त आरिफे आले मौहम्मद जनाबे बहलोल दाना का गुज़र उधर से हुआ। उन्होने ये देखा कि सब बच्चे खेल रहे है।  

इमामे हसन असकरी(अ)
 अब्बासी हुकूमत का, इमाम हसन असकरी अ.स. से डरने का कारण

अब्बासी हुकूमत का, इमाम हसन असकरी अ.स. से डरने का कारण

इराक़ में शियों की तादाद बहुत अधिक हो चुकी थी, अत्याचारी हुकूमत, अल्वियों (इमाम अली अ.स. की पैरवी करने वाले और उस समय इमाम हसन असकरी अ.स. का साथ देने वाले) के सत्ता में आने से भयभीत हो रही थी, और उन्हें डर था कि कहीं इमाम हसन असकरी अ.स. के नेतृत्व में अब्बासियों का तख़्ता पलट न हो जाए। शिया इस दौर में इतने मज़बूत हो चुके थे कि ..........  

रसूले अकरम(स)
  पैगम्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद (स.अ:व:व) का जीवन परिचय

पैगम्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद (स.अ:व:व) का जीवन परिचय

हज़रत पैगम्बर बचपन से ही दूसरे बच्चों से भिन्न थे। उनकी आयु के अन्य बच्चे गदें रहते, उनकी आँखों मे गन्दगी भरी रहती तथा बाल उलझे रहते थे। परन्तु पैगम्बर बचपन मे ही व्यस्कों की भाँति अपने को स्वच्छ रखते थे।

इमामे सादिक़(अ)
इमाम सादिक़ और मर्दे शामी

इमाम सादिक़ और मर्दे शामी

इमाम (अ.स) ने अपने सहाबी और शार्गिद जमरान की तरफ मुँह करके फरमायाः जमरान इस शख्स का जवाब दो।

इमामे सादिक़(अ)
 इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम और हिन्दुस्तानी हकीम

इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम और हिन्दुस्तानी हकीम

वो हकीम कहने लगे कि मै गवाही देता हुँ कि कोई खुदा नही सिवा एक के और मौहम्मद उसके रसूल और खास बन्दे है और आप इस जमाने के सबसे बड़े आलिम है।

रसूले अकरम(स)
पैग़म्बर (स) की सीरत के जलते चराग़

पैग़म्बर (स) की सीरत के जलते चराग़

मैं उसको पसन्द नहीं करता कि जिस इंसान को मौत आ जाऐ और वह रसूल (स.) की सीरत पर अमल न

रसूले अकरम(स)
हदीसे रसूल (स.) और परवरिश

हदीसे रसूल (स.) और परवरिश

ऐ अली! ख़ुदा लानत करे उन माँ-बाप पर जो अपने बच्चे की ऐसी बुरी परवरिश करें कि जिस की वजह से आक करने की नौबत आ पहुँचे।"  

रसूले अकरम(स)
मैराजे पैग़म्बर

मैराजे पैग़म्बर

शिया और सुन्नी दोनो की अहादीसे मुतावातिरा मे आया है की रसूले अकरम स.अ.व.व. की मैराज जिस्मानी थी न कि रुहानी।

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Rizwan Shaikh:Khawab ki taabir hindi
2020-12-17 07:19:22
Khawab ki taabir Hindi kitaab ki pdf ho to lehaza baraae meherbaani hamare mail par bhej de...
Farhan Haider:Tauziul masail
2020-05-06 23:45:20
S.w bhai download m problem ho Raha h and muje kuch aur bhi books chahiye tha soft copy ki hindi translate mei plz help me. And
Nasir:ali
2020-02-02 13:36:53
Mashallah
Nasir:ali
2020-02-02 13:36:13
Ali ali
mukhtar Abbas:mashallah
2017-09-01 21:46:03
mashallah subhanallah jazakallao bht achche
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