अलहसनैन इस्लामी नेटवर्क

लेख

इमामे अली(अ)
 इमाम अली अ.स. एकता के महान प्रतीक

इमाम अली अ.स. एकता के महान प्रतीक

जब इमाम अली अ.स. से एक यहूदी ने इमामत और ख़िलाफ़त पर आपत्ति जताते हुए कटाक्ष किया कि तुम लोगों ने अपने पैग़म्बर स.अ. को दफ़्न करने से पहले ही उनके बारे में मतभेद शुरू कर दिए, तो आपने जवाब दिया कि, हमारा मतभेद पैग़म्बर स.अ. को लेकर बिल्कुल नहीं था, बल्कि हमारा मतभेद उनकी हदीस के मतलब को लेकर था, लेकिन तुम यहूदियों के पैर दरिया से निकल कर सूखे भी नहीं थे और तुम लोगों ने हज़रत मूसा अ.स. से कह दिया था कि बुत परस्तों की तरह हमारे लिए भी ख़ुदा का प्रबंध करो और फिर जवाब में हज़रत मूसा अ.स. ने तुम लोगों के बारे में कहा था कि तुम लोग कितने जाहिल और अनपढ़ हो।  

इमामे अली(अ)
इमाम अली की निगाह मे कसबे हलाल की जद्दो जहद

इमाम अली की निगाह मे कसबे हलाल की जद्दो जहद

आपके नज़दीक कसबे हलाल बेहतरीन सिफ़त थी। जिस पर आप खुद भी अमल पैरा थे।

इमामे अली(अ)
इमाम अली (अ) द्वारा ग़रीबी हटाने के लिए किये जाने वाले कार्य

इमाम अली (अ) द्वारा ग़रीबी हटाने के लिए किये जाने वाले कार्य

हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने निर्धनता के उन्मूलन के लिए बहुत कोशिश की ताकि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच खायी कम हो जाए। निर्धनता उन्मूलन का एक उपाया सार्थक रोज़गार का सृजन है।

धर्म और संप्रदाय
वहाबियत की सच्चाई

वहाबियत की सच्चाई

अगर कोई किसी को जुर्म किये बिना क़त्ल कर दे तो ऐसा ही है से इसने सभी को क़त्ल कर दिया हो और अगर कोई ज़िन्दा करदे तो ऐसा ही है जैसे उसने सभी को ज़िन्दा कर दिया।

इमामे अली(अ)
इमाम अली और यहूदी

इमाम अली और यहूदी

आपने फ़रमाया के रसूले अकरम (स 0) ने उन्हें सरदारे जवानाने जन्नत क़रार दिया है और तुम उनकी गवाही को रद कर रहे हो ? काज़ी ने अपना फैसला यहूदी के हक़ मे दिया।

महिला जगत
इस्लाम में बेटी का दर्जा।

इस्लाम में बेटी का दर्जा।

जिसने दो बच्चिंयों की परवरिश की यहां तक बालिग़ हो जाएं तो वह क़यामत के दिन यूं मेरे साथ जन्नत में होगा और आपने अपनी दो उंगलियों को जोड़कर ۔ ۔ ۔ ۔۔

इमामे अली(अ)
नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार 2

नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार 2

नहजुल बलाग़ा वह किताब है जिसमें हज़रत अली अलैहिस्सलाम के कुछ कथनों, पत्रों और भाषणों को एकत्रित किया गया है। इस किताब को पवित्र कुरआन का भाई कहा जाता है।

इमामे अली(अ)
नहजुल बलाग़ा में हज़रत अली के विचार

नहजुल बलाग़ा में हज़रत अली के विचार

नहजुल बलाग़ा वह किताब है जो हज़रत अली अलैहिस्सलाम के उच्च विचारों के एक छोटे से भाग को बयान करती है।

फ़ातेमा ज़हरा(अ)
मुसहफ़े फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाहे अलैहा

मुसहफ़े फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाहे अलैहा

अहलेबैत (अ) से नक़्ल होने वाली रिवायतों में से कुछ रिवायतों में हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाहे अलैहा के मुसहफ़ की बात कही गई

फ़ातेमा ज़हरा(अ)
हज़रत मोहसिन की शहादत

हज़रत मोहसिन की शहादत

हज़रत मोहसिन की शहादत कैसे हुई। शिया और सुन्नी किताबो से...

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mukhtar Abbas:mashallah
2017-09-01 21:46:03
mashallah subhanallah jazakallao bht achche
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