अलहसनैन इस्लामी नेटवर्क

लेख

फ़ातेमा ज़हरा(अ)
हज़रत फ़ातेमा की शहादत

हज़रत फ़ातेमा की शहादत

हज़रत फ़ातेमा ज़हरा के व्यक्तित्व ऐसे गुणों से सुसज्जित हैं कि कोई और महिला उनके स्तर तक पहुंचती ही नहीं।    

फ़ातेमा ज़हरा(अ)
जनाबे फ़ातेमा ज़हरा के दफ़्न के मौक़े पर इमाम अली का खुत्बा

जनाबे फ़ातेमा ज़हरा के दफ़्न के मौक़े पर इमाम अली का खुत्बा

मेरी तरफ़ से और आपकी उस दुख़्तर की तरफ़ से जो आपके जवार में नाज़िल हो रही है और बहुत जल्दी आप से मुलहक़ हो रही है।

फ़ातेमा ज़हरा(अ)
रसूले अकरम की इकलौती बेटी

रसूले अकरम की इकलौती बेटी

मुनाक़िब इब्ने शहर आशोब में है कि जनाबे ख़दीजा के साथ जब आं हज़रत (स.अ.व.व) की शादी हुई तो आप बाकरह थीं। यह तसलीम शुदा अमर है कि क़ासिम अब्दुल्ला यानी तैय्यब व ताहिर और फातेमा ज़हरा बतने ख़दीजा से रसूले इस्लाम की औलाद थीं....

फ़ातेमा ज़हरा(अ)
फ़िदक के छीने जाने पर फ़ातेमा ज़हरा (स) की प्रतिक्रिया

फ़िदक के छीने जाने पर फ़ातेमा ज़हरा (स) की प्रतिक्रिया

हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) ने कहा कि फ़िदक मुझे वापस दे दो, रसूल ने फ़िदक मुझे दिया था।

फ़ातेमा ज़हरा(अ)
हज़रत फ़ातेमा ज़हरा उम्महातुल मोमिनीन की नज़र में

हज़रत फ़ातेमा ज़हरा उम्महातुल मोमिनीन की नज़र में

ख़ुदावन्दे आलम ने बज़्मे इंसानी के अंदर हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही वसल्लम से बेहतर किसी को ख़ल्क नहीं फरमाया।  

फ़ातेमा ज़हरा(अ)
फ़िदक और हज़रत फ़ातेमा ज़हरा

फ़िदक और हज़रत फ़ातेमा ज़हरा

इस बहस में सबसे पहली बात या प्रश्न यह है कि फ़िदक क्या है? और क्यों फ़िदक का मसला महत्वपूर्ण है? यह फ़िदक मीरास था या एक उपहार था? जिसमें पैग़म्बर को आदेश दिया गया था कि फ़ातेमा को दिया जाए।    

फ़ातेमा ज़हरा(अ)
विलायत के आसमान पर हिदायत का तारा

विलायत के आसमान पर हिदायत का तारा

फ़ातिमा ज़हरा मोहद्देसा थीं। यानी फ़रिश्ते उनके पास आते थे, आपके साथ बातें करते थे। किसी भी शिया या सुन्नी नें इस बात को ग़लत नहीं बताया है क्योंकि दोनों के उल्मा इस बात को मानते हैं

फ़ातेमा ज़हरा(अ)
हज़रत अली (अ.स.) की नज़र में हज़रते ज़हरा

हज़रत अली (अ.स.) की नज़र में हज़रते ज़हरा

 इमाम ने जवाब दिया, फातिमा अल्लाह की इताअत में सबसे अच्छी मददगार हैं।    

अशआर
जवाबे शिकवा

जवाबे शिकवा

दिल से जो बात निकलती है असर रखती है पर नहीं ताक़त-ए-परवाज़ मगर रखती है

अशआर
 शिकवा

शिकवा

क्यूँ ज़याँ - कार बनूँ सूद - फ़रामोश रहूँ फ़िक्र - ए - फ़र्दा न करूँ महव - ए - ग़म - ए - दोश रहूँ

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Rizwan Shaikh:Khawab ki taabir hindi
2020-12-17 07:19:22
Khawab ki taabir Hindi kitaab ki pdf ho to lehaza baraae meherbaani hamare mail par bhej de...
Farhan Haider:Tauziul masail
2020-05-06 23:45:20
S.w bhai download m problem ho Raha h and muje kuch aur bhi books chahiye tha soft copy ki hindi translate mei plz help me. And
Nasir:ali
2020-02-02 13:36:53
Mashallah
Nasir:ali
2020-02-02 13:36:13
Ali ali
mukhtar Abbas:mashallah
2017-09-01 21:46:03
mashallah subhanallah jazakallao bht achche
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